Pradyumna–Śālva Missile-Exchange at Saubha (Āraṇyaka Parva, Adhyāya 18)
उपयान्तं दुराधर्ष शडुखचक्रगदाधरम् । पुरुष पुण्डरीकाक्ष॑ कि वक्ष्यामि महाभुजम्,“शंख, चक्र और गदा धारण करनेवाले कमलनयन महाबाहु एवं अजेय वीर भगवान् पुरुषोत्तम जब यहाँ मेरे निकट पदार्पण करेंगे, उस समय मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?
upayāntaṃ durādharṣa-śaṅkha-cakra-gadādharam | puruṣaṃ puṇḍarīkākṣaṃ kiṃ vakṣyāmi mahābhujam ||
शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले कमलनयन महाबाहु अजेय भगवान् पुरुषोत्तम जब यहाँ मेरे निकट पधारेंगे, तब मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?
वायुदेव उवाच