Nahūṣa as Ajagara: Virtue Hierarchy, Karmic Gati, and the Psychology of Mind–Intellect
दीपो5भवद् यत्र वृकोदरस्य युधिष्ठिरो धर्मभृतां वरिष्ठ: अमोक्षयद् यस्तमनन्ततेजा ग्राहेण संवेष्टितसर्वगात्रम्,उस अवसरपर धर्मात्माओंमें श्रेष्ठ अत्यन्त तेजस्वी युधिष्ठिर भीमसेनके लिये द्वीपकी भाँति अवलम्ब हो गये। अजगरने भीमसेनके सम्पूर्ण शरीरको लपेट लिया था, परंतु युधिष्ठिरने (अजगरको उसके प्रश्नोंके उत्तरद्वारा संतुष्ट करके) उन्हें छुड़ा दिया
vaiśampāyana uvāca |
dīpo 'bhavad yatra vṛkodarasya yudhiṣṭhiro dharmabhṛtāṃ variṣṭhaḥ |
amokṣayad yas tam anantatejā grāheṇa saṃveṣṭita-sarvagātram ||
वैशम्पायन बोले—उस संकट में धर्मधारियों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर वृकोदर के लिये दीप-सम द्वीप बन गये। अजगर ने भीम के समस्त अंगों को जकड़ लिया था; परन्तु अनन्त तेजस्वी युधिष्ठिर ने धर्मयुक्त उत्तर देकर उसे संतुष्ट किया और भीम को छुड़ा दिया।
वैशम्पायन उवाच