Nahūṣa-Ājagara Saṃvāda: Yudhiṣṭhira’s Definition of Brāhmaṇa and the ‘Vedyam’ Debate
तेनार्शटिषिणेन तथानुशिष्टा- स्तीर्थानि रम्याणि तपोवनानि महान्ति चान्यानि सरांसि पार्था: सम्पश्यमाना: प्रययुर्नराग्रया:,इसी प्रकार राजर्षि आर्ड्षिणने भी उन सबको उपदेश दिया। तत्पश्चात् वे नरश्रेष्ठ पाण्डव पवित्र तीर्थों, मनोहर तपोवनों और अन्य बड़े-बड़े सरोवरोंका दर्शन करते हुए आगे बढ़े
tenārṣarṣiṇā tathānuśiṣṭās tīrthāni ramyāṇi tapovanāni mahānti cānyāni sarāṃsi pārthāḥ sampaśyamānāḥ prayayur narāgryāḥ |
इस प्रकार उस राजर्षि द्वारा उपदेशित होकर नरश्रेष्ठ पाण्डव आगे बढ़े। वे मार्ग में पवित्र तीर्थों, रमणीय तपोवनों और अन्य विशाल सरोवरों का दर्शन करते हुए श्रद्धापूर्वक यात्रा करते गए।
वैशम्पायन उवाच