Divyāstrāṇāṃ Pradarśana-nivāraṇa
Display of Divine Weapons and Its Prohibition
सुराणामसुराणां च संग्राम: सुमहानभूत् । अमृतार्थ पुरा पार्थ स च दृष्टो मयानघ,“निष्पाप कुन्तीकुमार! प्राचीन कालमें अमृतकी प्राप्तिके लिये देवताओं और दैत्योंमें अत्यन्त घोर संग्राम हुआ था, जिसे मैंने अपनी आँखों देखा है
surāṇām asurāṇāṁ ca saṅgrāmaḥ sumahān abhūt | amṛtārthaṁ purā pārtha sa ca dṛṣṭo mayānagha ||
हे पार्थ! प्राचीन काल में अमृत के लिए देवताओं और असुरों का अत्यन्त महान संग्राम हुआ था; हे निष्पाप! वह युद्ध मैंने स्वयं अपनी आँखों से देखा है।
अजुन उवाच