Saubha-ākhyāna: Śālva’s Approach and the Fortification of Dvārakā (सौभाख्यानम्—द्वारकायाः सुरक्षाविधानम्)
गृहीत्वा कार्मुकं साम्ब: शाल्वस्य सचिवं रणे | योधयामास संद्ृष्ट: क्षेमवृद्धि चमूपतिम्,हर्षमें भरे हुए साम्बने धनुष धारण करके शाल्वके मन्त्री तथा सेनापति क्षेमवृद्धिके साथ युद्ध किया
gṛhītvā kārmukaṃ sāmbaḥ śālvasya sacivaṃ raṇe | yodhayāmāsa saṃdṛṣṭaḥ kṣemavṛddhiṃ camūpatim ||
हर्ष से परिपूर्ण साम्ब ने धनुष धारण कर रणभूमि में शाल्व के मंत्री और सेनापति क्षेमवृद्धि को सामने पाकर उनसे युद्ध किया।
वायुदेव उवाच