Kubera’s Fivefold Nīti and Protection of the Pāṇḍavas (वैश्रवणोपदेशः)
द्रौोपदीसहिता वीरास्तैश्न विप्रैर्महात्मभि: । शृण्वन्त: प्रीतिजननान् वल्गूनू मदकलाउछुभान्
draūpadī-sahitā vīrās taiś ca viprair mahātmabhiḥ | śṛṇvantaḥ prīti-jananān valgūn madakālān subhān ||
वैशम्पायन बोले—द्रौपदी सहित वे वीर, उन महात्मा विप्रों के साथ, मधुर स्वर और सुकोमल लय में कहे गए, प्रीति उत्पन्न करने वाले मनोहर वचनों को सुनते हुए चले।
वैशम्पायन उवाच