Kubera’s Arrival and the Disclosure of Agastya’s Curse
Vaiśaṃpāyana–Janamejaya Narrative
तस्य गात्राणि सर्वाणि चूर्णयामास पाण्डव: । अरत्निना चाभिहत्य शिर: कायादपाहरत्,उस समय पाण्डुनन्दन भीमने उसके सारे अंगोंको दबाकर चूर-चूर कर दिया और थप्पड़ मारकर उसके सिरको धड़से अलग कर दिया
tasya gātrāṇi sarvāṇi cūrṇayāmāsa pāṇḍavaḥ | aratninā cābhihatya śiraḥ kāyād apāharat |
तब पाण्डव भीम ने उसके समस्त अंगों को दबाकर चूर-चूर कर दिया और भुजा के अग्रभाग से प्रहार कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
वैशम्पायन उवाच