Kubera’s Arrival and the Disclosure of Agastya’s Curse
Vaiśaṃpāyana–Janamejaya Narrative
तद् वृक्षयुद्धमभवन्महीरुहविनाशनम् | बालिसुग्रीवयो भ्रात्रो: पुरा स्त्रीकाड्क्षिणोर्यथा,जैसे पूर्वकालमें स्त्रीकी इच्छावाले दो भाई बालि और सुग्रीवर्में भयंकर संग्राम हुआ था, उसी प्रकार भीमसेन और राक्षसमें होने लगा। उन दोनोंका वह वृक्षयुद्ध उस वनके वृक्षसमूहोंके लिये महान् विनाशकारी सिद्ध हुआ
tad vṛkṣayuddham abhavan mahīruha-vināśanam | bāli-sugrīvayoḥ bhrātroḥ purā strī-kāṅkṣiṇor yathā ||
वैशम्पायन बोले—तब वह वृक्ष-युद्ध वन के महावृक्षों के लिए अत्यन्त विनाशकारी हो उठा। जैसे प्राचीन काल में स्त्री की अभिलाषा से प्रेरित भाई बालि और सुग्रीव का घोर संग्राम हुआ था, वैसे ही भीमसेन और राक्षस का युद्ध छिड़ गया; और उनका यह वृक्ष-युद्ध उस वनसमूह को नष्ट करने लगा।
वैशम्पायन उवाच