Rājarṣi-samāgamaḥ — Yudhiṣṭhirasya Dharma-parīkṣā ca
Meeting the Royal Sage and a Dharmic Audit
तमन्वियाम भवतां प्रभावाद् रजनीचरा: । पुरा स नापराध्नोति सिद्धानां ब्रह्मवादिनाम्,“निशाचरो! भीमसेन ब्रह्मवादी सिद्धोंका कुछ अपराध न कर पावें, इसके पहले ही तुम्हारे प्रभावसे हम उन्हें ढूँढ़ निकालें!
tam anviyāma bhavatāṁ prabhāvād rajanīcarāḥ | purā sa nāparādhnoti siddhānāṁ brahmavādinām ||
वैशम्पायन बोले—“हे निशाचरो! तुम्हारे प्रभाव से हम उन रजनीचरों का अभी पीछा करें, इससे पहले कि वह ब्रह्मवादी सिद्धों के प्रति कोई अपराध कर बैठे।”
वैशम्पायन उवाच