Kuberasaras-darśana (Bhīma beholds Kubera’s guarded lotus-lake) / कुबेरसरः-दर्शनम्
स्त्रिया मूढेन बालेन लुब्धेन लघुनापि वा । न मन्त्रयीत गुह्मानि येषु चोन््मादलक्षणम्,स्त्री, मूर्ख, बालक, लोभी और नीच पुरुषोंके साथ तथा जिसमें उनन््मादका लक्षण दिखायी दे, उसके साथ भी गुप्त परामर्श न करे
स्त्री, मूर्ख, बालक, लोभी और नीच पुरुष के साथ, तथा जिसमें उन्माद के लक्षण दिखाई दें—उसके साथ भी गुप्त बातों का परामर्श नहीं करना चाहिए।
वैशम्पायन उवाच