कैलास-श्वेतगिरि-प्रवेशवर्णनम्
Approach to Śveta Mountain and Kailāsa; Lomāśa’s Warnings and Protective Instructions
मरुतश्न सहश्रि भ्यां सरितश्ष सरांसि च । स्वस्ति देवासुरेभ्यश्व वसुभ्यश्च महाद्युते,महाद्युते! मरुदगण, अश्विनीकुमार, सरिताएँ और सरोवर भी तुम्हारा मंगल करें। देवताओं, असुरों तथा वसुओंसे भी तुम्हें कल्याणकी प्राप्ति हो
marutaś ca sahasrebhyaḥ saritaś ca sarāṁsi ca | svasti devāsurebhyaś ca vasubhyaś ca mahādyute ||
महाद्युते! सहस्रों मरुद्गण, नदियाँ और सरोवर तुम्हारा मंगल करें। देवों, असुरों तथा वसुओं से भी तुम्हें कल्याण प्राप्त हो।
लोगश उवाच