Raibhya-putrayoḥ satra-vṛttāntaḥ — The Satra Episode of Raibhya’s Sons
Parāvasu and Arvāvasu
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि तीर्थयात्रापर्वणि लोमशतीर्थयात्रायां यवक्रीतोपाख्याने अष्टात्रिंशधिकशततमो< ध्याय:,इस प्रकार श्रीमह्याभारत वनपर्वके अन्तर्गत तीर्थयात्रापर्वमें लोगशती र्थयात्राके प्रसंगमें यवक्रीतोपाख्यानविषयक एक सौ अड़तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ
इस प्रकार श्रीमहाभारत के वनपर्व के अंतर्गत तीर्थयात्रापर्व में लोमश-तीर्थयात्रा के प्रसंग में यवक्रीतोपाख्यान-विषयक एक सौ अड़तीसवाँ अध्याय (समाप्त)।
लोगमश उवाच