Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
पलायध्वमित: क्षिप्रं मम भ्रातैष वीर्यवान् । आगमिष्यति वो हन्तुं तस्माद् गच्छत मा चिरम्,“आपलोग यहाँसे जल्दी भाग जायूँ, मेरा यह बलवान् भाई हिडिम्ब आपको मारनेके लिये आयेगा; अत: आपलोग जल्दी चले जाइये, देर न कीजिये”
palāyadhvam itaḥ kṣipraṁ mama bhrātaiṣa vīryavān | āgamiṣyati vo hantuṁ tasmād gacchata mā ciram ||
“आप लोग यहाँ से शीघ्र भाग जाइए। मेरा यह बलवान भाई आपको मारने आ रहा है; इसलिए देर न करें—तुरन्त चले जाइए।”
वैशम्पायन उवाच