Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
यदा विबुद्धः कौन्तेयस्तदा संच्छिद्य बन्धनम् । उदतिष्ठन्महाबाहुर्भीमसेनो महाबल:,जब इनकी आँख खुली तो ये महाबली महाबाहु भीमसेन सारे बन्धनोंको तोड़कर जलसे ऊपर उठे
yadā vibuddhaḥ kaunteyas tadā sañchidya bandhanam | udatiṣṭhan mahābāhur bhīmaseno mahābalaḥ ||
वैशम्पायन बोले—जब कुन्तीपुत्र को होश आया, तब महाबली महाबाहु भीमसेन ने बन्धन काट डाले और जल से ऊपर उठ खड़े हुए।
वैशम्पायन उवाच