Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
स त्वं नारायणो भूत्वा हरिरासी: परंतप । ब्रह्मा सोमश्च सूर्यक्ष धर्मों धाता यमोडनल:,परंतप! पुरुषोत्तम! आप ही पहले नारायण होकर फिर हरिरूपमें प्रकट हुए। ब्रह्मा, सोम, सूर्य, धर्म, धाता, यम, अनल, वायु, कुबेर, रुद्र, काल, आकाश, पृथ्वी, दिशाएँ, चराचरगुरु तथा सृष्टिकर्ता एवं अजन्मा आप ही हैं
sa tvaṁ nārāyaṇo bhūtvā harir āsīḥ parantapa | brahmā somaś ca sūryaś ca dharmo dhātā yamo 'nalaḥ | vāyuḥ kuberaḥ rudraś ca kāla ākāśa pṛthivī diśaḥ | carācaraguruḥ sraṣṭā cājanyo 'si puruṣottama ||
परंतप! आप ही पहले नारायण होकर, फिर हरिरूप में प्रकट हुए। आप ब्रह्मा, सोम और सूर्य हैं; आप ही धर्म, धाता, यम और अनल (अग्नि) हैं।
अजुन उवाच