Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
हत्वा हिडिम्बं भीमो5थ प्रस्थितो भ्रातृभि: सह । हिडिम्बामग्रत: कृत्वा यस्यां जातो घटोत्कच:,इस प्रकार हिडिम्बको मारकर हिडिम्बाको आगे किये भीमसेन अपने भाइयोंके साथ आगे बढ़े। उसी हिडिम्बासे घटोत्कचका जन्म हुआ
hatvā hiḍimbaṃ bhīmo 'tha prasthito bhrātṛbhiḥ saha | hiḍimbām agrataḥ kṛtvā yasyāṃ jāto ghaṭotkacaḥ ||
हिडिम्ब का वध करके भीम अपने भाइयों के साथ आगे बढ़े और हिडिम्बा को अग्रभाग में रख लिया। उसी हिडिम्बा से घटोत्कच का जन्म हुआ।
राक्षस उवाच