Ṛśyaśṛṅgopākhyāna-praveśaḥ — Lomāśa narrates the origins of Ṛśyaśṛṅga and the Anga drought (ऋश्यशृङ्गोपाख्यान-प्रवेशः)
मृग्यां जात: स तेजस्वी काश्यपस्य सुतः प्रभु: । विषये लोमपादस्य यश्चकाराद्धुतं महत्,वे तेजस्वी एवं शक्तिशाली मुनि मृगीके पेटसे पैदा हुए थे और कश्यपनन्दन विभाण्डकके पुत्र थे। उन्होंने राजा लोमपादके राज्यमें अत्यन्त अद्भुत कार्य किया था
mṛgyāṃ jātaḥ sa tejasvī kāśyapasya sutaḥ prabhuḥ | viṣaye lomapādasya yaś cakārādbhutaṃ mahat ||
वे तेजस्वी और समर्थ मुनि मृगी के गर्भ से उत्पन्न हुए थे—कश्यपवंशी विभाण्डक के पुत्र। उन्होंने राजा लोमपाद के राज्य में एक महान् और अद्भुत कार्य सिद्ध किया था।
लोगश उवाच