हिरण्यपुरवर्णनम्
Description of Hiraṇyapura and the Nivātakavacas
अत्र ते<धर्मनिरता बद्धा: कालेन पीडिता: । दैतेया निवसन्ति सम वासवेन हतश्रिय:,इन्द्रने जिनकी सम्पत्ति हर ली है, वे अधर्मपरायण दैत्य कालसे बद्ध एवं पीड़ित होकर इसी स्थानमें निवास करते हैं
atra te ’dharmaniratā baddhāḥ kālena pīḍitāḥ | daiteyā nivasanti samaṃ vāsavena hataśriyaḥ ||
यहाँ वे दैत्य निवास करते हैं जो अधर्म में रत हैं—काल से बँधे और पीड़ित—जिनकी श्री-सम्पदा वासव (इन्द्र) ने नष्ट कर दी है।
नारद उवाच