कृष्णेन विदुरं प्रति आगमन-हेतु-निवेदनम् / Krishna explains the purpose of his coming to Vidura
सो<यं बलस्थो मूढश्न॒ न करिष्यति ते वच: । तस्मिन् निरर्थकं वाक्यमुक्तं सम्पत्स्यते तव
यह मूढ़ दुर्योधन सेना-संग्रह करके अपने को बलवान मान बैठा है; वह आपकी बात नहीं मानेगा। उसके प्रति कहा हुआ आपका प्रत्येक वचन निरर्थक ही सिद्ध होगा।
वैशम्पायन उवाच