Kṛṣṇa at Duryodhana’s House: Refusal of Hospitality and Departure to Vidura (कृष्णस्य धार्तराष्ट्रनिवेशनगमनम्)
आनायितामनार्येण क्रोधलोभानुवर्तिना । सर्वे प्रैक्षनत्त कुरव एकवस्त्रां सभागताम्
अनार्य, क्रोध और लोभ के पीछे चलने वाले ने उसे बुलवाया; सभा में आई हुई एकवस्त्रधारिणी को सब कौरव देखते रहे।
वैशम्पायन उवाच