कुरुसभायां केशवागमन-सत्कारविधानम् / Preparations to Honor Keśava at the Kuru Court
पदातीनां सहस्नं च सादिनां च परंतप । भोज्यं च विपुलं राजन प्रेष्याश्न शतशो5परे,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! शत्रुओंको संताप देनेवाले नरेश! महाबाहु श्रीकृष्णके प्रस्थान करते समय विपक्षी वीरोंपर विजय पानेवाले शस्त्रधारी दस महारथी, एक हजार पैदल योद्धा, एक हजार घुड़सवार, प्रचुर खाद्य-सामग्री तथा दूसरे सैकड़ों सेवक उनके साथ गये
vaiśampāyana uvāca |
padātīnāṃ sahasraṃ ca sādīnāṃ ca parantapa |
bhojyaṃ ca vipulaṃ rājan preṣyāś ca śataśo 'pare ||
और, हे परंतप राजन्! एक हजार पदाती, एक हजार घुड़सवार, प्रचुर भोज्य-सामग्री तथा सैकड़ों अन्य सेवक भी थे।
वैशम्पायन उवाच