Udyoga Parva, Adhyāya 73 — Kr̥ṣṇa’s Appraisal of Bhīma’s Altered Temper and Reaffirmation of Martial Resolve
हैहयानां मुदावर्तो नीपानां जनमेजय: । बहुलस्तालजंघानां कृमीणामुद्धतो वसु:
हैहयों में मुदावर्त, नीपों में जनमेजय; तालजंघों में बहुल और कृमियों में उद्दण्ड वसु उत्पन्न हुआ।
भीम उवाच