Dvārakāyāṃ Sāhāyya-vibhāgaḥ (Alliance Allocation at Dvārakā) / उद्योगपर्व अध्याय ७
ततः पीताम्बरधरो जगत्स्रष्टा जनार्दन: । गते दुर्योधने कृष्ण: किरीटिनमथाब्रवीत् । अयुध्यमान: कां बुद्धिमास्थायाहं वृतस्त्वया,दुर्योधनके चले जानेपर पीताम्बरधारी जगत्स्रष्टा जनार्दन श्रीकृष्णने अर्जुनसे कहा --'पार्थ! मैं तो युद्ध करूँगा नहीं; फिर तुमने क्या सोच-समझकर मुझे चुना है?”
tataḥ pītāmbaradharo jagatsraṣṭā janārdanaḥ | gate duryodhane kṛṣṇaḥ kirīṭinam athābravīt | ayudhyamānaḥ kāṃ buddhim āsthāyāhaṃ vṛtas tvayā |
तत्पश्चात पीताम्बरधारी जगत्स्रष्टा जनार्दन श्रीकृष्ण ने, दुर्योधन के चले जाने पर, किरीटधारी अर्जुन से कहा—“पार्थ! मैं तो युद्ध नहीं करूँगा; फिर तुमने किस बुद्धि और किस अभिप्राय से मुझे चुना है?”
वैशम्पायन उवाच