उद्योगपर्व — धृतराष्ट्रस्य दुर्योधनप्रति शक्तिस्मारक-उपदेशः
Udyoga Parva 63: Dhṛtarāṣṭra’s Counsel Reminding Duryodhana of Opponent Strength
वयं किरातै: सहिता गच्छामो गिरिमुत्तरम् । ब्राह्मणैदेवकल्पैश्न विद्याजम्भकवार्तिकै:ः,एक समयकी बात है, हम बहुत-से भीलों और देवोपम ब्राह्मणोंके साथ उत्तर-दिशामें गन्धमादन पर्वतपर गये थे। हमारे साथ जो ब्राह्मण थे, उन्हें मन्त्र-यन्त्रादिरूप विद्या और ओषधियोंके साधन आदिकी बातें बहुत प्रिय थीं
एक समय हम बहुत-से किरातों (भीलों) और देवोपम ब्राह्मणों के साथ उत्तर दिशा में पर्वत की ओर गए। हमारे साथ जो ब्राह्मण थे, वे विद्या, मन्त्र-यन्त्र और औषधि-साधनों की चर्चाओं में रत रहते थे।
विदुर उवाच