Saṃjaya’s Warning to Dhṛtarāṣṭra: Accountability, Alliance-Shift, and the Pāṇḍava Strategic Edge
मत्स्यास्त्वामद्य नार्चन्ति पठचालाक्षु सकेकया:,मत्स्यदेशके क्षत्रिय अब आपका आदर नहीं करते हैं। पांचाल, केकय, शाल्व तथा शूरसेन देशोंके सभी राजा एवं राजकुमार आपकी अवहेलना करते हैं। वे सब परम बुद्धिमान् अर्जुनके पराक्रमको जानते हैं, अतः उन्हींके पक्षमें मिल गये हैं
संजय बोले—मत्स्यदेश के क्षत्रिय आज आपका सम्मान नहीं करते। पांचाल, केकय, शाल्व और शूरसेन के राजा तथा राजकुमार भी आपकी अवहेलना करते हैं। वे सब पार्थ अर्जुन के पराक्रम को जानकर उसी के पक्ष में जा मिले हैं।
संजय उवाच