Śikhaṇḍī-janma-nigūḍha-vṛtta (The concealed birth-account of Śikhaṇḍī) | शिखण्डी-जन्म-निगूढ-वृत्त
जानता हि नरेन्द्रेण ख्यापनार्थ परस्य वै | प्रकाशं चोदिता देवी प्रत्युवाच महीपतिम्
यद्यपि नरेन्द्र सब कुछ जानते थे, तथापि अन्य लोगों के सामने अपनी निर्दोषता प्रकट करने के लिए उन्होंने महारानी से स्पष्ट शब्दों में पूछा। उनके पूछने पर रानी ने राजा को इस प्रकार उत्तर दिया—
भीष्म उवाच