Bhīṣma’s Retrospective of the Jāmadagnya Rāma Encounter
Divyāstra-Pratiyuddha and Twilight Cessation
मेरे सारथिको अत्यन्त मोह छा गया था। वह बाणोंके आघातसे पृथ्वीपर गिरा और अचेत हो गया ।।
tataḥ sūto 'jahāt prāṇān rāma-bāṇa-prapīḍitaḥ | muhūrtād iva rājendra māṃ ca bhīr āviśat tadā ||
तब राम (परशुराम) के बाणों से अत्यन्त पीड़ित होकर मेरे सारथि ने प्राण त्याग दिए। और, राजेन्द्र, उसी क्षण—मानो पलभर में—मेरे हृदय में भय समा गया।
भीष्म उवाच