Bhīṣma–Jāmadagnya-saṃvādaḥ
Bhishma’s account of the encounter with Rāma Jāmadagnya
/ भीकम (2 अमान एकाशीकरत्याधिकशततमो< ध्याय: भीष्म और परशुरामका युद्ध भीष्म उवाच समागतस्य रामेण पुनरेवातिदारुणम् । अन्येद्युस्तुमुलं युद्ध तदा भरतसत्तम
भीष्मजी बोले—भरतश्रेष्ठ! दूसरे दिन परशुरामजी से पुनः भेंट होने पर फिर अत्यन्त भयंकर और तुमुल युद्ध छिड़ गया।
भीष्म उवाच