अम्बाया रामजामदग्न्यशरणगमनम्
Ambā Seeks Refuge with Rāma Jāmadagnya
तच्छुत्वा जामदग्न्यस्तु राजपुत्रया वचस्तदा । उवाच तां वरारोहां निश्षित्यार्थविनिश्चयम्
tac chrutvā jāmadagnyas tu rājaputryā vacas tadā | uvāca tāṁ varārohāṁ niścityārthaviniścayam ||
राजकुमारी के वे वचन सुनकर जमदग्निनन्दन परशुराम ने क्या करना है, इसका दृढ़ निश्चय किया और उस सुन्दर अंगोंवाली, कुलीन राजकुमारी से कहा।
भीष्म उवाच