अध्याय १६९ — भीष्मस्य पाण्डवसेनाप्रशंसा तथा शिखण्डिविषये नियमः
Bhīṣma’s Appraisal of Pāṇḍava Forces and His Constraint Regarding Śikhaṇḍin
एकायनगतावेतौ पार्थिवौ दृढ्धन्विनौ । प्राणांस्त्यक्त्वा परं शक्त्या घट्टितारी परंतप
परंतप! दृढ़ धनुष धारण करने वाले वे दोनों राजा विराट और द्रुपद एकमात्र वीरपथ का आश्रय ले चुके हैं। प्राण त्यागकर भी वे पूरी शक्ति से तुम्हारी सेना से भिड़ेंगे।
भीष्म उवाच