भीष्मस्य सेनापत्यप्रतिज्ञा तथा रथसंख्यावर्णनम् | Bhishma Accepts Command and Enumerates Kaurava Strength
यदुक्तश्च सभामध्ये पुरुषो हस्वदर्शन: । क्रुद्धेन भीमसेनेन भ्राता दःशासनस्तव
सुयोधन! सभा के बीच क्रोध से भरे भीमसेन ने तेरे भाई दुःशासन—उस क्षुद्र बुद्धिवाले—के विषय में जो कहा था, उसे तू स्मरण रख।
संजय उवाच