उलूकदूतवाक्यम् / Ulūka’s Message to the Pāṇḍavas
युध्यमानस्य मे वीर गन्धर्व: सुमहाबलै: । सहायो घोषयात्रायां कस्तदा55सीत् सखा मम,“वीरवर! कौरवोंकी घोषयात्राके समय जब मैंने महाबली गन्धर्वोके साथ युद्ध किया था, उस समय कौन-सा मित्र मेरी सहायताके लिये आया था?
yudhyamānasya me vīra gandharvaḥ sumahābalaiḥ | sahāyo ghoṣayātrāyāṃ kas tadā ’sīt sakhā mama ||
“वीर! कौरवों की घोषयात्रा के समय, जब मैं अत्यन्त महाबली गन्धर्वों से युद्ध कर रहा था, तब कौन-सा मित्र मेरी सहायता को आया था?”
वैशम्पायन उवाच