कुरुक्षेत्रे सेनानिवेशवृत्तान्तः — Dhṛtarāṣṭra Questions Saṃjaya on the Deployed Armies
पितामहेन वो युद्ध पूर्वमेव भविष्यति । तस्मात् सप्तसु सेनासु प्रणेतृन् मम पश्यत,“तुम सब लोग सब ओर घूम-फिरकर अपनी सेनाओंका निरीक्षण करो और कवच आदिसे सुसज्जित होकर खड़े हो जाओ। सबसे पहले पितामह भीष्मसे तुम्हारा युद्ध होगा। इसलिये अपनी सात अक्षौहिणी सेनाओंके सेनापतियोंकी देखभाल कर लो”
pitāmahena vo yuddha pūrvam eva bhaviṣyati | tasmāt saptasu senāsu praṇetṝn mama paśyata |
वैशम्पायन बोले—“पितामह के साथ ही तुम्हारा युद्ध पहले होगा; इसलिए मेरी बात मानकर अपनी सातों सेनाओं के सेनानायकों पर दृष्टि रखो—सब ओर से सेना का निरीक्षण कर, कवच आदि से सुसज्जित होकर तैयार रहो।”
वैशम्पायन उवाच