Udyoga Parva, Adhyāya 148: Vāsudeva’s Report—Mobilization and the Nīti Sequence
Sāma–Bheda–Daṇḍa
बाह्लीकस्य प्रियो भ्राता शान्तनोश्व॒ महात्मन: । सौक्षात्रं च परं तेषां सहितानां महात्मनाम्,*वे बाह्नीक तथा महात्मा शान्तनुके प्रिय बन्धु थे। परस्पर संगठित रहनेवाले उन तीनों महामना बन्धुओंका परस्पर अच्छे भाईका-सा स्नेहपूर्ण बर्ताव था
Bāhlīkasya priyo bhrātā Śāntanoś ca mahātmanaḥ | Saukṣātraṃ ca paraṃ teṣāṃ sahitānāṃ mahātmanām ||
वायु ने कहा—महात्मा शान्तनु के प्रिय भ्राता बाह्लीक थे; और उन एकचित्त होकर रहने वाले महामना पुरुषों में सौक्षात्र का बन्धन भी सर्वोपरि था। उन उदात्त भाइयों के बीच आदर्श भ्रातृ-स्नेह, परस्पर मान और दृढ़ एकता का आचरण बना रहता था।
वायुदेव उवाच