भीष्मस्य दुर्योधनं प्रति कुलहितोपदेशः | Bhīṣma’s Counsel to Duryodhana on Dynastic Welfare
युधिष्ठिरं च भीम॑ं च यमौ चैवार्जुनादते । अर्जुनेन समं॑ युद्धमपि यौधिष्िरे बले,परंतु मेरे पास आनेका जो कष्ट तुमने उठाया है, वह भी व्यर्थ नहीं होगा। संग्राममें तुम्हारे चार पुत्रोंको काबूके अंदर तथा वधके योग्य अवस्थामें पाकर भी मैं नहीं मारूँगा। वे चार हैं, अर्जुनको छोड़कर युधिष्ठिर, भीम, नकुल और सहदेव। युधिष्ठिरकी सेनामें अर्जुनके साथ ही मेरा युद्ध होगा
yudhiṣṭhiraṃ ca bhīmaṃ ca yamau caivārjunād ṛte | arjunena samaṃ yuddham api yudhiṣṭhire bale ||
अर्जुन को छोड़कर युधिष्ठिर, भीम तथा दोनों जुड़वाँ—नकुल और सहदेव—इन पर मैं प्रहार नहीं करूँगा, चाहे वे युद्ध में मेरे वश में ही क्यों न आ जाएँ। युधिष्ठिर की सेना में रहते हुए भी मेरा युद्ध अर्जुन के साथ ही होगा।
कर्ण उवाच