उद्योगपर्व — गान्धारी-उपदेशः
Udyoga Parva — Gandhārī’s Counsel to Duryodhana
अक्षद्यूतं महाप्राज्ञ सतां मतिविनाशनम् | असतां तत्र जायन्ते भेदाक्ष॒ व्यसनानि च
महामते! जूए का खेल तो सत्पुरुषों की बुद्धि का भी नाश करने वाला है; और यदि दुष्ट पुरुष उसमें प्रवृत्त हों तो वहाँ भारी कलह उठता है तथा अनेक संकट उन पर छा जाते हैं।
वैशम्पायन उवाच