भीष्मद्रोणयोर्दुर्योधनं प्रति शान्त्युपदेशः | Bhīṣma and Droṇa’s Counsel to Duryodhana for Pacification
अतिक्रामन् केशवस्य तथ्यं वचनमर्थवत् | पितुश्न भरतश्रेष्ठ विदुरस्य च धीमत:,“भरतश्रेष्ठ) केशवका वचन सत्य और सार्थक है। तुम उनके, अपने पिताके तथा बुद्धिमान् विदुरके वचनोंकी अवहेलना करके कुमार्गपर न चलो। कुलघाती, कुपुरुष और कुबुद्धिसे कलंकित न बनो तथा माता-पिताको शोकके समुद्रमें न डुबाओ”
atikrāman keśavasya tathyaṃ vacanam arthavat | pituś ca bharataśreṣṭha vidurasya ca dhīmataḥ |
हे भरतश्रेष्ठ! केशव का वचन सत्य और सार्थक है। तुम उनके, अपने पिता के तथा बुद्धिमान विदुर के वचनों की अवहेलना करके कुमार्ग पर न चलो।
वैशम्पायन उवाच