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Shloka 11

भीष्मद्रोणयोर्दुर्योधनं प्रति शान्त्युपदेशः | Bhīṣma and Droṇa’s Counsel to Duryodhana for Pacification

प्राज्ञौ मेधाविनौ दान्तावर्थकामौ बहुश्रुतौ । आहतुस्त्वां हितं वाक्‍्यं तज्जुषस्व नराधिप

राजन्! ये दोनों महापुरुष प्राज्ञ, मेधावी, जितेन्द्रिय, तुम्हारा हित चाहने वाले और बहुश्रुत हैं। इन्होंने तुमसे हित की ही बात कही है; अतः हे नराधिप, इसे स्वीकार करो।

वैशम्पायन उवाच