Udyoga Parva Adhyāya 103: Garuḍa’s Protest, Viṣṇu’s Demonstration, and Counsel Toward Śama
अनेन विजितानबश्नैर्दोर्भ्यां जयति वासव: । अनेन बलभित् पूर्व प्रह्ते प्रहरत्युत,ये अपने अभश्वोंद्वारा जिन शत्रुओंको जीत लेते हैं, उन्हींको देवराज इन्द्र अपने बाहुबलसे पराजित करते हैं। पहले इनके द्वारा प्रहार हो जानेपर ही बलनाशक इन्द्र शत्रुओंपर प्रहार करते हैं
इनके अश्वों द्वारा जिन शत्रुओं को पहले ही जीत लिया जाता है, उन्हीं को वासव (इन्द्र) अपने बाहुबल से पराजित करते हैं। इनके द्वारा पहले प्रहार हो जाने पर ही बलभिद् (इन्द्र) शत्रुओं पर प्रहार करते हैं।
नारद उवाच