Gāndhārī’s Battlefield Survey: The Fallen and the Onset of Funeral Rites (शल्य-भगीरथ-भीष्म-द्रोणादि-दर्शनम्)
शल्यं निपतितं नार्य: परिवार्याभित: स्थिता: । वासिता गृष्टय: पड़के परिमग्नमिव द्विपम्,रणभूमिमें गिरे हुए राजा शल्यको उनकी स्त्रियाँ उसी तरह सब ओरसे घेरे हुए हैं, जैसे एक बारकी ब्यायी हुई हथिनियाँ कीचड़में फँसे हुए गजराजको घेरकर खड़ी हों
śalyaṁ nipatitaṁ nāryaḥ parivāryābhitaḥ sthitāḥ | vāsitā gṛṣṭayaḥ paṅke parimagnam iva dvipam ||
वैशम्पायन बोले—रणभूमि में गिरे हुए राजा शल्य को उनकी स्त्रियाँ चारों ओर से घेरकर खड़ी थीं; जैसे अभी-अभी ब्यायी हुई हथिनियाँ कीचड़ में फँसे अपने गजराज को घेरकर खड़ी हो जाती हैं।
वैशम्पायन उवाच