Gāndhārī’s Battlefield Survey: The Fallen and the Onset of Funeral Rites (शल्य-भगीरथ-भीष्म-द्रोणादि-दर्शनम्)
धर्मेषु कुरव: क॑ नु परिप्रक्ष्यन्ति माधव । गते देवब्ते स्वर्ग देवकल्पे नरर्षभे,माधव! इन देवतुल्य नरश्रेष्ठ देवव्रतके स्वर्गलोकमें चले जानेपर अब कौरव किसके पास जाकर धर्मविषयक प्रश्न करेंगे
dharmeṣu kuravaḥ kaṃ nu paripṛcchanti mādhava | gate devavrte svargaṃ devakalpe nararṣabhe ||
वैशम्पायन बोले— हे माधव! देवतुल्य नरश्रेष्ठ देवव्रत (भीष्म) के स्वर्गलोक को चले जाने पर अब कौरव धर्म के विषय में किसके पास जाकर प्रश्न करेंगे?
वैशम्पायन उवाच