आयोधनदर्शनम्
Viewing the Battlefield of Kurukṣetra
वासुदेवं पुरस्कृत्य हतबन्धुं च पार्थिवम् । कुरुस्त्रिय: समासाद्य जग्मुरायोधनं प्रति,जिनके बन्धु-बान्धव मारे गये थे, उन राजा धृतराष्ट्र तथा भगवान् श्रीकृष्णको आगे करके कुरुकुलकी स्त्रियोंको साथ ले वे सब लोग युद्धस्थलमें गये
vāsudevaṃ puraskṛtya hatabandhuṃ ca pārthivam | kurustriyaḥ samāsādya jagmur āyodhanaṃ prati ||
वैशम्पायन बोले—वासुदेव (श्रीकृष्ण) को आगे करके और अपने बन्धु-बान्धवों से वंचित उस राजा को साथ लेकर, कुरुकुल की स्त्रियाँ एकत्र हुईं और युद्धस्थल की ओर चलीं।
वैशम्पायन उवाच