स्त्रीपर्व — गान्धारीभीमसेनसंवादः
Strī-parva — Gāndhārī–Bhīmasena Dialogue on Wartime Conduct
सा तथा याच्यमाना त्वं काले काले जयैषिणा । उक्तवत्यसि गान्धारि यतो धर्मस्ततो जय:,“इस प्रकार जब विजयाभिलाषी दुर्योधन समय-समयपर तुमसे प्रार्थना करता था, तब तुम सदा यही उत्तर देती थी कि “जहाँ धर्म है, वहीं विजय है”
sā tathā yācyamānā tvaṃ kāle kāle jayaiṣiṇā | uktavaty asi gāndhāri yato dharmas tato jayaḥ ||
वैशम्पायन बोले— “इस प्रकार जब विजयाभिलाषी दुर्योधन समय-समय पर तुमसे प्रार्थना करता था, तब, हे गान्धारी, तुम सदा यही उत्तर देती थीं— ‘जहाँ धर्म है, वहीं विजय है।’”
वैशम्पायन उवाच