Kṣātra-dharma in Campaign and Battle: Protection, Purification, and the Ideal Warrior’s End (क्षात्रधर्मः—अभियानयुद्धे रक्षणदानशुद्धिः)
रणेषु कदन कृत्वा ज्ञातिभि: परिवारित: । ती#णै: शस्त्रैरभिक्लिष्ट: क्षत्रियो मृत्युमहीति
क्षत्रिय तो वही मृत्यु का अधिकारी है जो अपने बन्धु-बान्धवों से घिरकर रणभूमि में संहार मचाता हुआ, तीखे शस्त्रों से अत्यन्त पीड़ित होकर प्राण त्यागे।
भीष्म उवाच