धन-राजधर्म संवादः
Discourse on Wealth and Royal Duty
उपेत्य तस्यावभथे पूता: सर्वे भवन्ति ते । राजन्! यदि आप यज्ञ नहीं करेंगे तो आपको सारे राज्यका पाप लगेगा। जिन देशोंके राजा दक्षिणायुक्त अश्वमेध यज्ञके द्वारा भगवान्का यजन करते हैं
उस यज्ञ के अवभृथ में पहुँचकर वे सब पवित्र हो जाते हैं। हे राजन्! यदि आप यज्ञ नहीं करेंगे तो आपको समस्त राज्य का पाप लगेगा। जिन देशों के राजा दक्षिणायुक्त अश्वमेध यज्ञ द्वारा भगवान् का यजन करते हैं, उनके यज्ञ की समाप्ति पर उन देशों के सभी लोग वहाँ आकर अवभृथ-स्नान करके शुद्ध होते हैं।
अर्जुन उवाच