Cāturāśramya-dharma—Marks of the Four Āśramas (चातुराश्रम्यधर्मः)
दक्षिणा सर्वयज्ञानां दातव्या भूतिमिच्छता । पाकयज्ञा महाहश्न दातव्या: सर्वदस्युभि:
कल्याण की इच्छा रखने वाले को सब प्रकार के यज्ञों में यथोचित दक्षिणा देनी चाहिये। और समस्त दस्युओं को भी महाहव्य वाले पाकयज्ञों का अनुष्ठान कर, उसके लिए दान-व्यय करना चाहिये।
इन्द्र उवाच