भीष्मदर्शनार्थं प्रस्थानम्
Departure to Behold Bhīṣma
ततः सहस्रं विप्राणां चतुर्वेदविदां तथा । गवां सहस््रेणैकैंके वाचयामास माधव:
तदनन्तर अग्निहोत्र के पश्चात् भगवान् माधव ने चारों वेदों के ज्ञाता एक हजार ब्राह्मणों को बुलाया। उन्होंने प्रत्येक को एक-एक हजार गौएँ दान दीं और उनसे वेदमन्त्रों का पाठ तथा स्वस्तिवाचन कराया।
वैशम्पायन उवाच