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Shloka 14

Śānti Parva, Adhyāya 52 — Bhīṣma’s Humility Before Kṛṣṇa and the Granting of Boons

वायुदेव उवाच उपपन्नमिदं वाक्‍्यं कौरवाणां धुरन्धरे । महावीर्यें महासत्त्वे स्थिरे सर्वार्थदर्शिनि

वायुदेव बोले—भीष्मजी! आप कुरुकुल का भार वहन करनेवाले, महापराक्रमी, परम धैर्यवान, स्थिर तथा सर्वार्थदर्शी हैं। आपका यह कथन सर्वथा युक्तिसंगत है।

वायुदेव उवाच