Nārada’s Account of the Kaliṅga Svayaṃvara: Duryodhana’s Seizure and Karṇa’s Escort
ततः: समुपविष्टेषु तेषु राजसु भारत । विवेश रछ्ढं सा कन्या धात्रीवर्षवरान्विता,भारत! जब सब राजा स्वयंवर-सभामें बैठ गये, तब उस राजकन्याने धाय और खोजोंके साथ रंगभूमिमें प्रवेश किया
tataḥ samupaviṣṭeṣu teṣu rājasu bhārata | viveśa raṅgaṁ sā kanyā dhātrī-varṣa-varānvitā ||
भारत! जब वे सब राजा स्वयंवर-सभा में आसन ग्रहण कर बैठे, तब वह राजकन्या धाय और चुनी हुई सखियों के साथ रंगभूमि में प्रविष्ट हुई।
नारद उवाच