Nāgendra–Brāhmaṇa Saṃvāda: Praśna-vidhi and Dharmic Approach on the Gomatī Riverbank
कि तदुत्पादितं पूर्व हरिणा लोकधारिणा । रूप॑ प्रभावं महतामपूर्व धीमतां वर
शौनक बोले—हे धीमतांवर! लोकधारण करने वाले श्रीहरि ने पूर्वकाल में वह अद्भुत, प्रभावशाली और अपूर्व रूप क्यों प्रकट किया? ऐसा रूप तो पहले कभी देखा नहीं गया था।
शौनक उवाच